तिर्मिज़ी,जिल्द 2,सफह 244
* जो इल्मे दीन के लिए चलेगा तो फरिश्ते उसकी राह में अपना पर बिछा देते हैं और उनके लिए ज़मीनों आसमान की हर चीज़ यहां तक कि पानी में मछलियां भी मग़फिरत की दुआ करती हैं और आलिम की फज़ीलत आबिद पर ऐसी है जैसी चौदहवीं रात के चांद की फज़ीलत सितारों पर होती है और उल्मा अम्बिया के वारिस हैं
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